अनंत चतुर्दशी
हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का बड़ा महत्व माना गया है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी का यह व्रत 1 सितंबर 2020 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है।
माना जाता है इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने और अनंत सूत्र को बांधने से जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार अनंत चतुर्दशी का व्रत करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्टों दूर होते हैं
अनंत चतुर्दशी का संबंध महाभारतकाल से है. कथा अनुसार, कौरवों से जुआ हारने के बाद पांडव वन-वन भटक रहे थे तब श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से कहा- हे धर्मराज! जुआ खेलने के कारण देवी लक्ष्मी आप से रुष्ट हो गयी हैं. उन्हें प्रसन्न करने के लिए आपको अपने भाइयों के साथ अनंत चतुर्दशी का व्रत रखना चाहिए.
विधि अनुसार, भाद्रशुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को केसरिया धागे से चौदह गांठ लगाकर कच्चे दूध में डुबोकर 'ऊँ अनन्ताय नम:' मंत्र से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. श्रीकृष्ण के कहने पर सर्वप्रथम पांडवों ने अनंत का व्रत किया, जिससे खोया हुआ राज्य और लक्ष्मी को पुन: प्राप्त किया.
अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।।
अनंत पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
मंगलवार (1 सितंबर, 2020) को प्रात: 5:59 से 9:41 बजे तक विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा, उसके उपरांत पूर्णिमा तिथि आरंभ हो जायेगी, जो अगले दिन 9:34 मिनट तक रहेगी. शास्त्रों के अनुसार उदयातिथि में दिनभर भक्तगण भगवान अनंत की पूजा करेंगे.
आचार्य अशोक नारायण
9312098199
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